Top new moral stories in hindi

New moral stories in hindi? संजीव अपनी दुकान पर बैठा अख़बार (News paper) पढ़ रहा था। तभी एक नौजवान ने आकर उनसे पूछा क्या आपके यंहा से एक call कर सकता हु? संजीव ने बोला, क्यो नही जरूर वँहा रखा Phone बस 2 रुपये छुट्टे देना। तुरन्त उस नौजवान ने Phone उठाया ओर बात करने लगा।

वो बोला की मुझे आपका Phone number मुझे अपने एक दोस्त से मिला था। ओर उसने बताया की आपकी दुकान पर एक आदमी की सख्त जरूरत है। संजीव नौजवान की बाते सुनने लगा। नौजवान Phone पर बोला, अच्छा तो आपने किसी को रख लिया है। पर में कम Salary में भी काम करने को तैयार हूँ। संजीव मन ही मन सोचने लगता है। इसे paiso की सख्त जरूरत है।

जबकि बेचारे को कंही Job नही मिल पा रही है। तब वह नौजवान Phone पर बोला, उतने ही पैसे में मै आपकी दुकान की साफ सफाई भी कर दिया करूँगा। एक बार फिर सोच लीजिये। इतना बोलकर उस नौजवान ने Phone नीचे रख दिया ओर अंत में वो नोजवान मायूस हो गया।

फिर संजीव ने उस नौजवान से पूछा? क्या हुआ Job नही मिली क्या? नौजवान ने ये सुनकर संजीव को घूरते हुए बोला ये लीजिये आपके  2 रुपये। संजीव नौजवान की घूरने की नजर को नही समझ पा रहा था। संजीव बोला तुम्हें नौकरी चाहिए ना। नोजवान बोला, जी नही आपका बहुत सुक्रिया मुझे कोई Job नही चाहिए।

संजीव उसकी बात सुनकर हैरान रह गया। ओर बोला अरे अभी थोड़ी देर पहले ही तो तुम Phone पर  कह रहे थे। में तो बस तुमारी मदद करना चाहता हूँ। तुम चाहो तो मेरी दुकान पर काम कर सकते हो। नोजवान बोला, आपका आभार है की आपने मेरे लिए इतना सोचा।

लेकिन मेने Call नौकरी मांगने के लिए नही अपना काम परखने के लिए किया था। संजीव बोला, की मुझे कुछ समझ में नही आया। नौजवान बोला, आपने सुना ही होगा जिसको मेने Call की थी उसने किसी को नौकरी पे रख लिया है। ओर जिसको उसने नौकरी पे रखा है वो कोई ओर नही मैं ही हूँ।

और मैंने ये call इसलिए किया था ताकि मै अपनी कमियों को जान सकू और अपने ईमानदारी से किये गए काम के बारे में जान सकू

Moral- लगातार अपनी योग्यता को परखते रहना चाहिए ताकि खुद को बेहतर बना सके।

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Moral story in hindi

सूर्या नदी के किनारे एक छोटे से गांव में रहते थे। वह बहुत मेहनती था पूरा गांव उसकी तारीफ करता था। ओर सभी को उस पर भरोसा था की वह एक दिन गांव का नाम जरूर रोशन करेगा। सूर्या के इस सफलता के पीछे उसके गुरुजी के हाथ था

 

जिनको सूर्या बहुत मानता था। एक बार सूर्या ने गुरुजी से पूछा? क्या में भी बाद में आदमी बन पाऊंगा? गुरुजी बोले, में तुम्हारे इस सवाल का जवाब तब दूंगा जब तुम मेरी एक परीक्षा में उतीर्ण हो जाओगे। नदी के तटपर बहुत सारे पत्थर पड़े रहते है। ज्यादातर पत्थर ठंडे रहते है। पर उनमे से बहुत कम पत्थर होते है

 

जो नदी में होने के बावजूद भी गर्म होता है। अगर तुम एक भी गरम पत्थर तुम मेरे पास ले आओगे तो में तुम्हरा जवाब जरूर दूंगा। पत्थर की तलास में एक हफ्ता गुजर गया। गांव के लोग आश्चर्य में पड़ गए की सूर्या को गुरुजी ने केसी चुनोती दे दी। करीब तीन हफ्ते बाद एक पत्थर सूर्याके हाथ लगा जो गर्म था।

तब तक वह आदत के अनुरूप वह उस पथर को नदी में उछाल चुका था। वह गुरुजी के पास आया ओर सारी घटना सुनाई। गुरुजी हसने लगे। सूर्या मायूस होकर गुरुजी को बोला क्या आप मेरी अक्षमता पर हंस रहे हो? गुरुजी मुस्कुराये ओर सूर्याके सर पर हाथ रखकर बोले, नही

सूर्या मै तो बस तुम्हें सफल होने का मार्ग दिखा रहा था। तुम्हारे सवाल का जवाब आज तुम्हें खुद ही मिल गया। अक्सर हम अपनी जिंदगी में छोटी छोटी सफलताएं छोटी छोटी परिस्थितियों के इतने आदि हो जाते है। की सफल होने का अवसर कब हमारे आया ओर कैसे झट से हमारे हाथ से निकल गया। यह हमे पता ही नही चल पाता।

जो व्यक्ति अपने इस क्षण को पूरे होश में जिये। जो हमेशा सजग ओर प्रफुलित रहे वही अंत में सफलता को प्राप्त करता है। मेहनत आवश्यक जरूर है पर साथ में उधेश्य ओर दिशा भी अति आवश्यक है।

सिख- मेहनत के साथ दिशा ओर उधेश्य भी सफलता के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।

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Moral story in hindi

यह दो भाइयो की कहानी है। ये दोनों दिल्ली में रहते थे। एक का नाम गगन ओर दूसरे का दिप था। इन दोनों भाई ने मिलकर एक IT company खोली गगन Marketing में तेज़ था। तो दूसरा Software बनाने में माहिर था। दिप ने एक Software बनाया जो लोगो को घर बेठो को सहायता पहुंचा सकता था।

लेकिन दिप को ये समझ नही आ रहा था। की लोगो को ये Software लोगो तक कैसे पहुंचाया जा सके। Marketing में माहिर गगन ने अपनी सारी महिला दोस्तो की मदद से Kitty party में उस Software का Demo दिया। Software काफी चलने लगा ओर महिलाओं को काफी फायदा होने लगा।

ये तरकीब काम करते देख कर दोनों भाइयो ने अपनी Company  शुरू कर ली ओर सॉफ्टवेयर घर घर तक पहुचाने लगे। कुछ दिनों तक कंपनी अच्छी चली। फिर बाजार में उस जैसे कई सारे Software ओर आ गए। उस वजह से गगन ओर दिप के Software की सेल कम होने लगी

ओर धंधा मंदा होने लगा। कुछ दिनों के बाद दोनों भाइयो में झगड़ा होने लगा। अंत में कंपनी बंद हो गयी ओर दोनों भाइयो में बहुत दूरिया आ गयी। दोनों नौकरी की तलाश में लग गए ओर काफी दिन गुजर गए। पर किसी को नौकरी नही मिली। एक दिन गांव से उनके पिताजी मिलने शहर आये।

 

सारी कहानी सुनकर वह बोले, बेटा लोहे को अगर कुछ दिन पानी में रख दो तो उसमे जंक लग जाता है। जंक साफ कर लो तो तुम दोनों फिर से सफल बन जाओगे। दोनों भाई हैरान होकर पिताजी की तरफ देख रहे थे।

 

पिताजी बोले दिप का Software, Marketing के बिना ओर गगन की marketing software के बिना अधूरी है। सॉफ्टवेयर बनाना ओर उसे update रखने में मार्केटिंग बड़ा हाथ है। यानी तुम दोनों एक दूसरे की मदद नही करोगे तो आगे नही बढ़ पाओगे। ओर दोनों के करियर में जंक लग जाएगा। तुम दोनों की ताकत तुम में ही छिपी हुई है। अगर तुम इस ताकत को पहचान लोगे तो सफल हो जाओगे।

और इस तरह से दोनों ने दुबारा मेहनत की और इस बार वह पूरी तरह से सफल रहे

सिख- निरंतर बदलाव ओर बेहतर करना ही सफलता का मूल मंत्र है।

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